Cricket
पिछले कई सालों में केरल से कई असाधारण क्रिकेटर्स सामने आए हैं.
इस राज्य के नवयुवकों के प्रतिभा के कारण ही रणजी ट्रॉफी के उनके प्रदर्शन में काफी अधिक सुधार हुआ है.
इस राज्य की टीम की सफलता के पीछे पूर्व कप्तान सचिन बेबी का बहुत बड़ा हाथ रहा है. कप्तान और राज्य के शीर्ष बल्लेबाज़ होने के कारण वो बहुत ही अच्छे से जानते हैं कि प्रतिभा को कहां और कैसे विकसित करना है.
जब सचिन बेबी से राज्य की सर्वश्रेष्ठ अकादमी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि केरल के तिरुवनंतपुरम, कोच्ची और कालीकट जैसे शहरों में बाकी शहरों के मुकाबले ज्यादा अकादमी हैं. बहुत से खिलाड़ी भी इन्हीं शहरों से निकले हैं क्योंकि यहां पर अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं.
उनकी मदद से हम आपको केरल की छह सबसे अच्छी अकादमी के बारे मे बता रहे है.
केरल क्रिकेट एसोसिएशन अकादमी
केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने केरल के कई शहरों में अपनी अकादमी की शुरुआत की और यह नए क्रिकेटर्स को क्रिकेट की ट्रेनिंग मुफ्त में देते है. प्रतिभावान खिलाड़ी, फिर चाहे वो किसी भी बैकग्राउंड से क्यों ना हों, उन्हें KCA रडार के अंदर ले लिया जाता है और फिर उन्हें उनके आयु वर्ग में चुना जाता है.
सचिन ने स्टेट एसोसिएशन के द्वारा चलाए जा रहे अकादमी के बारे में आगे बताया कि उनके लिए कई केंद्र हैं जिनमें एलेप्पी, तिरुवनंतरपुरम, कोट्टायम और एर्नाकुलम शामिल हैं. सभी खिलाड़ियों के खाने, जर्सी, क्रिकेट के इक्विपमेंट्स, पढ़ाई और यात्रा की सारी देखरेख केसीए द्वारा ही की जाती है.
मेडिकल कॉलेज ग्राउंड, तिरुवनंतरपुरम
मेडिकल कॉलेज ग्राउंड (एमसीजी) की शुरुआत बिजु जॉर्ज द्वारा की गई थी, जो इंडियन वूमेंस क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच थे और आगामी लीग सीज़न में हैदराबाद में फील्डिंग कोच बनने के लिए तैयार हैं.
बिजु जॉर्ज ने काफी मेहनत और संघर्ष कर इस अकादमी को शुरु किया जो कि आज सफलता से चल रही है और वह भी जिन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते हैं उनसे कोई फीस नहीं लेते. इस अकादमी को कोई प्रॉफिट नहीं हो रहा मगर फिर भी यहां से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकले हैं जिन्होंने केरल की तरफ से रणजी ट्रॉफी में खेला है.
सचिन ने कहा तिरुवनंतपुरम में कई खिलाड़ी एमसीजी से ही आते हैं. रैफी विंसेट गोमेज़, प्रशांत परमेश्वरण, संजु सैमसन, केएम आसिफ, पी प्रशांत और निज़ार नियास आदि ये सभी खिलाड़ी एमसीजी से ही आए हैं. यह शायद मास्टर्स और यह अकादमी तिरुवनंतपुरम में सबसे अच्छी अकादमी हैं. जब भी मैं तिरुवनंतपुरम जाता हूं इसी अकादमी में जाकर ट्रेनिंग भी लेता हूं.
स्वांटंस क्रिकेट क्लब, कोच्ची
केरल के कोच्ची में स्वांटंस ही सबसे बढ़िया अकादमी है. इंफ्रास्ट्रक्चर को देखेंगे तो यह सर्वश्रेष्ठ है और यहां से कई ऐसे खिलाड़ी निकले हैं जिन्होंने केरल का नाम उंचा किया है. स्टेट क्रिकेट टीम के वर्तमान हेड कोच टीनू योहान्नन भी इसी अकादमी से आए हैं और वो भारत के लिए भी खेले हैं.
केरल की रणजी टीम के ज्यादातर खिलाड़ी इसी अकादमी से आते हैं और उनमें मैं भी एक हूं. मैनें कोच्ची के स्वांटंस से ही अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी. बेसिल थम्पी, टीनू योहान्नन, सेबेस्टीअन एंटोनी और सीएम दीपक जैसे खिलाड़ी इसी अकादमी से निकले हैं.
थेवरा के सैक्रेड हार्ट कॉलेज ग्राउंड में स्वांटंस की अकादमी है और यहां एक साल का कोचिंग प्रोग्राम और स्कूली बच्चों के लिए समर कैंप्स का भी आयोजन किया जाता है.
मुथूट यामाहा मास्टर्स क्रिकेट क्लब, तिरुवनंतपुरम
एक बहुत ही प्रोफेशनल क्लब, जो हर साल टूर्नामेंट्स का आयोजन भी करता है, वह है तिरुवनंतपुरम का मास्टर्स क्रिकेट क्लब. यहां से राज्य के कई दिग्गज क्रिकेटर्स निकले हैं.
अभिषेक मोहन, संजु सैमसन, फैज़िल फैनूस, इन सभी ने अपने करियर की शुरुआत यहीं से की थी. बेशक ये लोग बाद में किसी दूसरी अकादमी में चले गए, मगर इन सब ने शुरुआत यहीं से की थी.
फरवरी 2020 में इनके लोकप्रिय मास्टर्स कप में राज्य भर की 16 टीमों ने एक टूर्नामेंट में भाग लिया था, जिसका आयोजन केसीए अनुमोदित स्टेडियम में किया गया था. फाइनल के बाद की प्रस्तुति जिम्बावे के पूर्व कप्तान तातेंडा ताइबू ने दी.
त्रिपुनिथरा क्रिकेट क्लब
कोच्ची की एक रॉयल फैमिली द्वारा त्रिपुनिथरा क्रिकेट क्लब की शुरुआत 1930 में की गई थी. तब इसे प्रिंसेस क्लब का नाम दिया गया था जिसे बाद में बदला गया.
पिछले 70 सालों से यह क्लब ऑल इंडिया नॉकआउट क्रिकेट टूर्नामेंट, द पूजा नॉकआउट टूर्नामेंट का आयोजन करता आ रहा है.
केरल क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा मान्यता प्राप्त हेरिटेज टूर्नामेंट के रुप में यह जाना जाता है और यह राज्य के सबसे पुराने टूर्नामेंट्स में से एक है. इस क्लब में 150 से अधिक युवा कोचिंग ले रहे हैं और अभ्यास कर रहे हैं. यहां इंडोर नेट की सुविधा भी उपलब्ध है.
फाल्कन्स क्रिकेट क्लब
क्रिकेट के प्रति चार उत्साही लोगों के द्वारा 1974 में कालिकट में द फाल्कन्स क्रिकेट क्लब की स्थापना की गई थी. केरल के पूर्व कप्तान सुनील ओएसिस द्वारा इसे चलाया जा रहा है और यह राज्य के सबसे स्थापित क्रिकेट क्लबों में से एक है. अच्छे कोच के द्वारा हर वर्ष युवाओं के लिए समर कैम्प का आयोजन किया जाता है ताकि उनकी प्रतिभा को निखारा जा सके. यह क्लब क्रिकेट कोचिंग कैंप, अंपायरिंग क्लीनिक और काउंसलिंग जैसी कई गतिविधियों में शामिल है. वे सामान्य एक दिवसीय और टी 20 के अलावा तीन और दो दिवसीय मैचों सहित टूर्नामेंट आयोजित करते हैं. क्लब में सिंथेटिक और टेनिस बॉल क्रिकेट भी खेला जाता है.