Cricket
रेड बुल कैंपस क्रिकेट कई वर्षों से युवा, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच दे रहा है.
यह दुनिया का सबसे बड़ा कॉलेज टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट है. साथ ही युवा क्रिकेटरों को विश्व मंच पर अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करने का मौका देता है.
इस कॉलेज टूर्नामेंट के ज़रिये कई देशों के स्टार खिलाड़ी अपने-अपने देश की सीनियर नेशनल टीम का प्रतिनिधित्व करने आगे आये हैं.
रेड बुल कैंपस क्रिकेट 2019 विश्व फाइनल जल्द ही आयोजित होने वाला है. आइए हम कुछ स्टार इंटरनेशनल खिलाड़ियों के करियर पर एक नज़र डालते हैं, जिन्होंने कैंपस क्रिकेट स्टारलेट के रूप में शुरुआत की.
केएल राहुल
केएल राहुल रेड बुल कैंपस क्रिकेट के 2013 सीज़न में खेले हैं और इसके टॉप रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं. उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें प्रीमियर लीग में पहुंचा दिया. बाद में उसी वर्ष, उन्होंने कर्नाटक को रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाने के लिए घरेलू सत्र में 1033 रन बनाए. उनके इसी प्रदर्शन ने उन्हें 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारत की टेस्ट टीम में जगह दिलाई है और वह तब से सभी फॉर्मेट्स में नेशनल टीम के लिए एक नियमित खिलाड़ी बन चुके हैं.
मयंक अग्रवाल
मयंक रेड बुल कैंपस क्रिकेट के 2012 एडिशन में खेले थे और तब से घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. 2017/18 रणजी सीज़न में उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टीम में अपनी जगह बनाने में मदद की. वह केवल छह मैचों के बाद 60 से अधिक की बल्लेबाजी औसत के साथ टेस्ट में भारत की पहली पसंद के सलामी बल्लेबाज हैं. अक्टूबर 2019 में, उन्होंने दोहरा शतक बनाया – साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के लिए अपना पहला इंटरनेशनल शतक भी बनाया था.
एडेन मार्कराम
2014 में रेड बुल कैंपस क्रिकेट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते वक़्त उनका नाम पहले से ही दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में दर्ज था. मार्कराम ने 2014 में U19 विश्व कप का खिताब जीतने के लिए दक्षिण अफ्रीकी U19 टीम का नेतृत्व किया. अगले वर्ष उनके कैंपस क्रिकेट कार्यकाल ने उन्हें अपने करियर को चार चांद लगाने में मदद की. उन्होंने बांग्लादेश में 2017 की टेस्ट सीरीज़ के दौरान दक्षिण अफ्रीका के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण किया. साथ ही अपने दूसरे मैच में मैदान पर 143 रनों की शानदार पारी खेली. मार्कराम अब तीनों फॉर्मेट्स में दक्षिण अफ्रीका के सेट-अप का एक अभिन्न अंग हैं. फरवरी 2018 में वनडे मैचों में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी करने वाले वे दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी बनें.
लुंगी एंगीडी
रेड बुल कैंपस क्रिकेट में अपना नाम बनाने वाले एक और दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी, एंगीडी टूर्नामेंट के 2015 एडिशन में रबाडा और मार्कराम के साथ खेल का हिस्सा बने. उन्होंने दो साल बाद जनवरी 2017 में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू के साथ दक्षिण अफ्रीका की T20आई टीम में जगह बनाई. डेब्यू में शानदार गेंदबाजी के लिए एंगीडी ने प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता. अगले ही साल, उन्होंने भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया. शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट लिए.
निरोशन डिकवेला
निरोशन डिकवेला ने 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक टेस्ट मैच में श्रीलंका के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया. लेकिन रेड बुल कैंपस क्रिकेट 2016 में कुछ शानदार प्रदर्शनों ने उन्हें राष्ट्रीय सेट-अप का हिस्सा बना दिया. दक्षिण अफ्रीका में तीन मैचों की T20आई सीरीज़ में उनकी शानदार बल्लेबाजी ने श्रीलंका को किसी भी फॉर्मट में दक्षिण अफ्रीकी धरती पर पहली सीरीज़ जीतने में मदद की. इस सीरीज़ के अंतिम मैच में डिकवेला ने 50 रनों की विजयी पारी खेलकर प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता. बाद में उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज़ का खिताब भी जीता.
चिराग सूरी
24 वर्षीय चिराग ने 2015 और 2016 में रेड बुल कैंपस क्रिकेट में भाग लिया. उन्होंने 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ विश्व कप क्वालीफायर में यूएई के लिए अपना वनडे डेब्यू किया. सूरी 2017 में भारत की टॉप क्रिकेट लीग में खेलने वाले यूएई के पहले क्रिकेटर भी हैं. हाल ही में, वे टोरंटो नेशनल के साथ कनाडा में ग्लोबल टी 20 लीग का हिस्सा थे, जहां वे युवराज सिंह और ब्रेंडन मैक्कुलम जैसे इंटरनेशनल स्टार्स के साथ टीम का हिस्सा थे.
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