ब्रेकलेटिक्स एक कार्यात्मक ट्रेनिंग डांस वर्कआउट है जो ब्रेकिंग और फिटनेस को जोड़ता है.
इसे खेल वैज्ञानिक और प्रोफेशनल ब्रेकर पीटर सोविंस्की उर्फ पीटैर लेकर आए थे.
पीटैर ने 17 सालों तक ब्रेकिंग कर के डांस को अपनी ज़िंदगी का अनिवार्य हिस्सा बना लिया. उनकी फिटनेस में भी खूब रुचि थी लिहाज़ा उन्होंने अपने दोनों जुनूनों को मिलाने का फैसला किया, इस तरह से यह डांस आधारित फिटनेस रूटीन बना.
ब्रेकिंग के मूल सिद्धांत, रचनात्मकता को समझने के बाद उन्होंने ब्रेकलेटिक्स को अनोखा बनाने के लिए यहां भी इसे अप्लाई किया. इस तरह से ब्रेकलेटिक्स लगातार विकास करने वाला रचनात्मक फिटनेस रूटीन बन गया जो फिटनेस के पुराने फॉर्मेट से ऊब रहे लोगों के लिए उपयुक्त था.
भारत में, अंकित महाल और अभिनव त्यागी मास्टर ब्रेकलेटिक्स प्रशिक्षक हैं जिन्हें खुद पीटैर ने कोचिंग दी है. अंकित महाल उन तमाम सवालों का जवाब दे रहे हैं जो आप ब्रेकलेटिक्स शुरू करने से पहले पूछ सकते हैं.
ब्रेकलेटिक्स क्या है?
अंकित महाल कहते हैं, “सामान्य तरीके से कहें तो ब्रेकलेटिक्स ब्रेकिंग की अवधारणा से आई एक कार्यात्मक प्रशिक्षण है.” इससे हमें ताकत, समन्वयता, लचीलापन और शारीरिक तनाव में मदद मिलती है.
अंकित कहते हैं, “ब्रेकलेटिक्स दूसरे फिटनेस प्रोग्राम्स से अलग है. यह बोरिंग नहीं बल्कि क्रिएटिव है. यह हमारे तन और मन को एक करके प्रशिक्षित करता है. ब्रेकलेटिक्स की मूल अवधारणा यही है.”
इसका अभ्यास कौन कर सकता है?
अंकित कहते हैं, “यह उनके लिए है जो एक्टिव रहने के साथ नए तरह के फिटनेस प्रोग्राम का अनुभव लेना चाहते हैं.”
वह कहते हैं कि ये किशोर और वयस्कों के लिए परफेक्ट है. “इस एक्सरसाइज़ में कई विविधताएं और दिक्कतों के लेवल्स हैं जिससे इसे करने वालों को अच्छी चुनौती मिली है.”
आपको यह क्यों आजमाना चाहिए?
ब्रेकलेटिक्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे शुरू करने के लिए आपको डांसिंग या एक्रोबैटिक्स का कोई पूर्व ज्ञान होना ज़रूरी नहीं है.
अगर आप अपने वर्कआउट स्टाइल में मूवमेंट्स के दोहराव से परेशान हैं तो ये आपके लिए उपयुक्त है. गतिशील विविधताएं, कठिनाई के विभिन्न स्तर, डांस के लिए ढेरों तरह के संगीत और लगातार मिलने वाली प्रेरणा का मतलब है कि आप कभी इससे ऊबेंगे नहीं.
यह दूसरे वर्कआउट रूटीन से अलग कैसे है?
इसके मूव्स और एक्सरसाइज़ रूटीन्स काफी रचनात्मक है और इन्हें ऐसे डिज़ाइन किया गया है कि इसमे आपकी दिलचस्पी बनी रहेगी.
ब्रेकलेटिक्स में अनंत एक्सरसाइजेज़ हैं क्योंकि मानव शरीर के हर संभव मूवमेंट को एक्सरसाइज़ में बदला जा सकता है. दुनिया के तमाम ट्रेनर्स इसके कैटलॉग में नए एक्सरसाइजेज़ जोड़ते रहते हैं.
इसके मूवमेंट कैसे हैं?
यह एक्सरसाइज़ को ब्रेकिंग के मूवमेंट्स की अवधारणा पर डिज़ाइन किया गया है. ब्रेकलेटिक्स मूवमेंट्स में टॉप रॉक, फुटवर्क्स, पावर मूव्स और क्रंचेज़ शामिल हैं.
अंकित कहते हैं, “ब्रेकलेटिक्स के फुटवर्क्स ब्रेकडांस के फुटवर्क से प्रेरित हैं. इस मूवमेंट में हाथ और पैर एक साथ फर्श को छूते हैं. ब्रेकलेटिक्स के मूवमेंट्स को ऐसे सजाया गया है कि इसे जल्द सीखा जा सकता है.”
ब्रेकलेटिक्स के लिए बेस्ट म्यूज़िक क्या है?
इसके मूवमेंट्स की प्रैक्टिस हिप हॉप, फंक, इलेक्ट्रो या ब्रेक बीट्स पर की जाती है.
इसको सीखने की सबसे अच्छी जगह कहां है?
ब्रेकलेटिक्स का अभ्यास कहीं भी – घर या जिम, अंदर या बाहर – किया जा सकता है, बस फर्श साफ होना चाहिए.
आप इसकी शुरुआत कैसे करें?
अंकित कहते हैं, “आप इसे सामान्य तरीके से शुरू करके अपना काम करना शुरू करें. ये आपकी क्षमता और पुराने अनुभव पर भी निर्भर करता है कि आप इसे आसान या मुश्किल, किस स्तर पर शुरू कर सकते हैं.”
मुझे किस व्यायाम के साथ शुरू करना चाहिए?
1. बेसिक स्टेप स्क्वॉट्स: स्क्वॉट पोजीशन से शुरू कीजिए – घुटनों को मोड़कर बैठिए, छाती सीधी रखिए, हाथ को छाती के सामने रखिए, खड़े होइये और अपने वजन को अपने बाएं पैर पर शिफ्ट करते हुए आगे बढ़िए और अपने दाहिने पैर को शरीर के आगे की ओर से आर पार ले जाएं, उसी वक्त कंधों को फैलाएं. स्क्वॉट में वापस लौटें और इस क्रम को शरीर के दूसरे हिस्से में मूवमेंट के साथ दोहराएं.
2. टू स्टेप: हाई प्लैंक पोजिशन के साथ शुरू करें. अपने बाएं पैर को शरीर के आर पार घड़ी में 4 बजे की स्थिति में ले जाएं. अब अपने दाहिने पैर को अपने बाएं घुटने के पीछे ले जाकर मोड़ें जिससे आपका शरीर मुड़कर फर्श तक पहुंच जाए. फिर से शुरुआती पोजिशन पर पहुंचकर इस क्रम को दोहराएं, इस मूवमेंट को अपने शरीर के दोनों साइड में बारी-बारी से करें.
3. साइड-टू-साइड क्रंचेज़: अपने पीठ के निचले हिस्से को फर्श पर रखकर इसकी शुरुआत करें, आपका सिर फर्श से ऊपर हो, और आपके पैर और बाहें ऊपर की तरफ फैले हों. अपने दाहिने घुटने को मोड़ें और दाहिने पैर को गिराकर बाएं पैर के पीछे ले जाएं और उस पैर को दोनों हाथों से पकड़ें. एक सेकेंड तक ऐसे ही रहें और फिर से शुरुआती पोजिशन में लौट जाएं. अपने शरीर के दोनों साइड्स में इसे दोहराएं.
4. बॉक्स बाउंसेज़: भालू के रेंगने की पोजीशन से शुरू करें – कंधे और अंगूठे फर्श से सटे और शरीर के बाकी का हिस्सा इससे ऊपर होना चाहिए. एक तेज़ मूवमेंट के साथ, अपने शरीर को ऐसे मोड़ें कि आपका लेफ्ट हिप ज़मीन के करीब आ जाए और उसी वक्त अपने बाएं कंधे को दाहिने हाथ से थपथपाएं. इस मूवमेंट को परफॉर्म करते हुए आपका घुटने 90 डिग्री के एंगल में होना चाहिए.
5. स्टेप किक पुश-अप्स: एक सामान्य पुश-अप से शुरू करें. एकबार जब पुश-अप पूरा हो जाए, अपने बाएं पैर को तेज़ी से उठाकर बाएं हाथ तक ले जाए (अपने हाथ को ज़मीन से ऊपर उठाएं), अपने दाहिने पैर को शरीर के नीचे लाएं और वजन को बाएं पैर और दाहिने हाथ पर रखकर बैठने की मुद्रा में आ जाएं और उसी वक्त अपने दाहिने पैर से सामने की तरफ किक लगाएं. पुश-अप पोजिशन में वापस लौटें और बारी-बारी से शरीर के दोनों साइड्स के साथ इस क्रम को दोहराएं.