पिछले डेढ़ साल में, लक्ष्य सेन भारत की सबसे प्रतिभाशाली खेल प्रतिभाओं में से एक के रूप में उभरे हैं. उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने लक्ष्य ने 10 साल की उम्र में प्रतिष्ठित प्रकाश पादुकोण अकादमी में जगह बनाने के बाद पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा.
जूनियर्स में पूर्व विश्व नंबर 1 रहने के बाद लक्ष्य के कारनामे बड़ी लीगों में भी देखने को मिलते हैं. 2021 विश्व चैंपियनशिप में, गैर वरीयता प्राप्त लक्ष्य ने कांस्य पदक जीता था.
लेकिन 2022 इस भारतीय युवा के लिए ब्रेकआउट ईयर साबित हुआ. उन्होंने इंडियन ओपन जीतकर सीज़न की शुरुआत की, अपना पहला सुपर 500 खिताब घरेलू प्रशंसकों के सामने जीता. उन्होंने इंडियन ओपन पर कब्जा करने के लिए फाइनल में उस समय के विश्व चैंपियन, लोह कीन यू को हराया. वर्ष के अंत में जर्मन ओपन के सेमीफाइनल में विश्व नंबर 1 विक्टर एक्सेलसेन को हराने के बाद लक्ष्य ने बैडमिंटन सर्किट में खलबली मचा दी.
2022 के ऑल इंग्लैंड ओपन में, एक टूर्नामेंट जिसका भारतीय बैडमिंटन इतिहास में एक विशेष स्थान है, उन्होंने फाइनल में पहुंचने के लिए वर्ल्ड नंबर 3 एंडर्स एंटोनसेन और वर्ल्ड नंबर 7 ली ज़ी जिया को मात दी. सेन उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थे जिसने थॉमस कप में इतिहास रचा था, जिसने पहली बार पुरुषों की प्रमुख टीम प्रतियोगिता जीती थी. गति को बनाए रखते हुए, उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की टीम स्पर्धा में रजत और पुरुषों के सिंग्लस में स्वर्ण पदक जीता.
नवंबर 2022 में अपने करियर के सर्वोच्च रैंक वर्ल्ड नंबर 6 तक पहुंचने लक्ष्य अभी केवल 21 वर्ष के हैं और आने वाले वर्षों में भारतीय बैडमिंटन की प्रमुख पहचान बनेंगे.
इस इंटरव्यू में लक्ष्य अपने सीनियर करियर के अब तक के बेहतरीन पलों और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में बात करते हैं.
2022 आपके और भारतीय बैडमिंटन के लिए एक अविश्वसनीय वर्ष था. आपके पसंदीदा पल क्या थे?
2022 मेरे लिए बहुत अच्छा साल रहा. मेरी प्रमुख यादों में थॉमस कप जीतना, कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण जीतना और ऑल इंग्लैंड (ओपन) फाइनल खेलना शामिल होगा.
2022 में शानदार सफलता हासिल करने के लिए और लगातार आगे बढ़ने के लिए आपने किन चीजों पर काम करना सुनिश्चित किया है?
मैं हर टूर्नामेंट के बाद खुद को बेहतर बनाने के लिए अपनी फिटनेस पर काम करता हूं. मैं बड़े टूर्नामेंट में खेलकर और अच्छे नतीजे हासिल करके एक ही समय में काफी आत्मविश्वास हासिल कर रहा था. मैंने बस गति को जारी रखने की कोशिश की और उस समय खुद को फिट रखने की कोशिश की.
भारतीय टीम में खिलाड़ियों की बॉन्डिंग पर बात करते हैं और यह कैसे मदद करता है, खासकर जब इतने सारे टूर्नामेंटों के लिए एक साथ यात्रा करते हैं?
टीम में अच्छा तालमेल है. यह सीनियर्स और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण है. साथ ही हम पूरे साल टूर्नामेंट के लिए यात्रा करते रहते हैं इसलिए हम एक टीम के रूप में काफी समय एक साथ बिताते हैं. यह टीम इवेंट और बॉन्डिंग में सभी के एक साथ आने की बात थी. हर कोई एक-दूसरे के लिए खड़ा रहता है, इससे फर्क पड़ता है.
जब आपने सीनियर टूर में प्रवेश किया, तो वह कौन सा मैच/टूर्नामेंट था जिसने आपको यह विश्वास दिलाया कि आप इस स्तर पर हैं?
मैंने 2020 में जो टूर्नामेंट खेला था, कोविड से ठीक पहले, मेरा पहला ऑल इंग्लैंड ओपन. उस उच्च स्तर पर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था; इससे पहले मैं चैलेंजर्स या सुपर 100 या 300 जैसे निचले स्तर के टूर्नामेंट में खेल रहा था. यह पहला टूर्नामेंट था जहां मैंने पहले दौर में टॉप-20 खिलाड़ी के खिलाफ जीत हासिल की और दूसरे दौर में दुनिया के नंबर 1 विक्टर एक्सेलसन के खिलाफ खेला. मैंने दोनों गेम में टक्कर दी (लक्ष्य 17-21, 18-21 से हार गए थे). यह मेरे लिए आंखें खोलने वाला और सीखने का एक अच्छा अनुभव था. इससे मुझे अपने आप पर बहुत अधिक विश्वास हो गया.
2023 में कुछ बड़े इवेंट होने वाले हैं. एशियन गेम्स आ रहे हैं और ओलंपिक क्वालीफिकेशन राउंड भी शुरू हो गया है. आप इसकी तैयारी कैसे कर रहे हैं?
यह मेरे लिए कुछ अहम महीने हैं. इस साल सही टूर्नामेंट चुनना और अच्छी रैंकिंग बनाए रखना अहम होगा. साथ ही मैं कुछ हफ्ते बढ़िया ट्रेनिंग भी करना चाहता हूं ताकि मैं अपनी फिटनेस को बरकरार रख सकूं.
आपके करियर के सबसे बड़े लक्ष्य क्या हैं?
मेरे करियर का सबसे बड़ा लक्ष्य अगले 8-10 साल तक शीर्ष स्तर का बैडमिंटन खेलना है. मैं भविष्य में कई टूर्नामेंट्स जीतना चाहता हूं.
आपके जीवन और करियर में सबसे बड़ा प्रभाव किसका रहा है?
प्रकाश (पादुकोण) सर, विमल (कुमार) सर, और मेरे परिवार का मेरे करियर में सबसे बड़ा प्रभाव रहा है.
बैडमिंटन के अलावा आपकी रुचियां क्या हैं?
मुझे अपने दोस्तों के साथ बाहर जाना पसंद है. मैं कई अन्य खेलों को भी फॉलो करता हूं. मुझे प्लेस्टेशन खेलना और यात्रा करना भी पसंद है.